Udte Khyal
Monday, 10 February 2020
बस रह गए
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ज़ख्म बेहतर हुए बस निशान रह गए, मोहब्बत देख के वो हमारी बस हैरान रह गए। जितना दुखी इन ज़माने वालों ने किया, उतनी ऊँची मेरी हँसी देखकर बस पर...
Friday, 27 December 2019
ज़िन्दगी की कहानी
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ज़िन्दगी हर रोज़ एक नया कदम लेती है, हर सुबह उठके एक नया जनम लेती है। ये छोटी सी सच्चाई तुम्हें बतानी है, ये ज़िन्दगी तुम्हारी अपनी ही कहान...
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Monday, 1 July 2019
मेरा गाँव
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ओस को अपनी कलम में भरकर मैं फूलों पर कुछ लिखता हूँ, एक नई सुबह का गीत कोई उस मीठी धूप पर लिखता हूँ। चिड़िया की चहचहाहट को पत्तों की सरसर...
Sunday, 30 June 2019
अनकही बात
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ये जो आँखों में नमी है ये और कुछ नही बस वो बची हुई मोहब्बत है जो मैं कभी तुमसे बेपनाह करता था, शायद किसी को ये पानी लग सकता है, और तुम ...
Friday, 31 May 2019
जब तुमने देखा
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जिस सम्त को नज़र उठाकर देखा, इस दर्द की दवा को आज़माकर देखा। बेअसर हो गए हैं बेहिसाब दर्द के, हर नुस्ख़ा उलट-पलट घुमाकर देखा। फिर लगा शायद ...
Tuesday, 23 April 2019
मेरी बहन
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यूँ तो रिश्तों की कोई गिनती नही रिश्तेदारी की दुनिया में, पर हमारे रिश्ते की बात कुछ और है। अपनों की-सी बात अपनों में ही मिलती नही समझदा...
Friday, 5 October 2018
एक बाग़ है
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आहिस्ता आहिस्ता रिस रहा हूँ मैं अपनी हथेली की क़ैद से, रेत बन चुके है सब ख़्याल मेरे और मैं उन्हें अब रिहा कर रहा हूँ। जब तक थे यहाँ खूबसू...
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