Udte Khyal

Friday, 21 September 2018

शाम

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और एक ऐसी ही रंगीन शाम थी लालिमा से आसमान भरा हुआ था, हल्के से चाँद ऊफूक पर दस्तक दे चुका था और हम तुम बाँहे थामे टहल रहे थे, तुम मेरी ए...
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Friday, 14 September 2018

छुट्टी का आखिरी दिन

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और मैं उन्हें पलट कर देख नही पाया ट्रैन की आख़िरी सिटी पर भी नही देखा, जानता था कि पलट कर देखा तो अपने आँसू रोक नही पाउँगा, पापा ये जानते...
Saturday, 8 September 2018

आँगन की धूप

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सुनहरी धूप खिली है मेरे आँगन में आज बहुत दिनों के बाद, सोच रहा हूँ सुखा लूँ रूह को तार पे। बहुत दिनों से बे-ज़ार ठंडे कोने में पड़ी हुई ह...
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Thursday, 9 August 2018

ज़िन्दगी

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इम्तहानों का क्या है दे देंगे, दिल के अरमानों का क्या है दे देंगे। तुम्हारी खुशी के लिए तुम्हें भुलाना ही तो है, इन फ़रमानों का क्या है ...
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Wednesday, 25 July 2018

इमकान

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उनके लौट आने की अभी इमकान बाक़ी थी, मेरी रूह में अभी जान बाक़ी थी। यूँ तो कई दफ़ा मिला हूँ आईने में उस शक़्स से, फिर भी हम दोनों की अभी पहचान...
Saturday, 14 July 2018

हालात-ए-दिल

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आसमान को सागर भिगोते देखा, आज मैंने बादल को रोते देखा। कैसे मिल जाते हैं दो लोग अजनबी, हमने तो अपनी क़िस्मत को हमेशा सोते देखा। कितनी आसा...
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Wednesday, 11 July 2018

एक लड़की है

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तेरे आग़ोश में अब मैं पिघलने लगा हूँ, मत रोक मुझे, अब मैं संभलने लगा हूँ। सिकुड़े रहते थे जो होंठ कभी, अब हँसते हैं, तेरी मोहब्बत में अब मै...
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  • Unknown
  • Vikas Goswami
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