Udte Khyal
Sunday, 20 May 2018
अधूरा मैं
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पता नही क्यों वो समझते हैं कि मुझे कोई कमी नही है, कि मेरी आँखों में नमी नही है। पता नही क्यों उन्हें लगता है कि मैं बहुत समझदार हूँ, हर ...
Friday, 4 May 2018
कैसे
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दिल मे जो दफ़्न है वो बताऊँ कैसे, जो न बताऊँ तो फिर छुपाऊँ कैसे।। जो अल्फ़ाज़ अभी तक समझा नही पाए, उस प्यार को तुम्हें जताऊँ कैसे। जिस ख़्या...
Sunday, 8 April 2018
मेरे पहले अशआर
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कई फ़ासले तय किये कई फ़सीलें पार हुए, तब कहीं जाके उनके दीदार हुए।। ऐसा भी नही की यूँ ही मिल गए वो, बहुत मशक्क़त के बाद ही ये आसार हुए। मुश...
2 comments:
Monday, 19 March 2018
तुम और मैं
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जब भी वो मुझे देखती है तो ऐसा लगता है, जैसे रात देखती है चाँद को, जैसे भँवरा देखता है फूल को, जैसे मछली देखती है पानी को, जैसे तुम देखती...
Tuesday, 13 February 2018
रात
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उस दिन जब रात मेरे कमरे में आई थी, मुझे याद है मेरे कानों में कुछ गुनगुनाई थी।। कहीं दूर किसी के दिल में कुछ तो ज़रूर हुआ था, यूँ ही नही व...
Friday, 9 February 2018
अधूरी मोहब्बत
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जब भी मैं और मेरा सुकून बातें करते हैं, तुम्हारी यादों से जब दो मुलाक़ातें करते हैं। कभी हँसते है कभी रोते हैं तुम्हारा नाम लेकर, तो कभी उ...
Sunday, 7 January 2018
पत्र
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मानता हूं कि तुम दुनिया की सबसे अच्छी लड़की नहीं हो, मगर तुमसे अच्छी बहन और कोई हो नहीं सकती थी। मानता हूं कि तुम समझती हो कि तुम बहुत ...
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