Udte Khyal

Saturday, 2 January 2016

वो रात

›
वो अधरि-सी रात थी, वो अधसोयी-सी रात थी। आसमाँ जैसे सूना हो गया, समय विरह का दूना हो गया। हम यूँ खामोश बैठे थे, आँखों में ग़म समेटे थे। ...

नन्ही परी

›
स्वर्ग से जैसे उतर आई, कोई नन्ही परी। झोली में अपने खुशियाँ लाई, कोई नन्ही परी। आँगन में चहके दिन-दोपहरी, मन-मन में महके हिरन कस्तूरी|...
2 comments:
Tuesday, 3 November 2015

प्रेम

›
ये प्रेम नहीं है सावन का, ये प्रेम नहीं है रावण का। ये तार दिलों के बीच जुड़े, ये प्रेम बड़ा है पावन सा। संग-संग बीते हम, हर गर्मी बरसा...
Monday, 2 November 2015

आज़ाद पंछी

›
मैं आज़ाद पंछी, दो डाल का निवासी हूँ। एक डाल मस्जिद में पड़ती, तो दूजे मैं  काशी हूँ। पलक झपकते ही उड़ जाऊँ,  एक डाल से एक डाल। फ़िक्र न...
1 comment:
Wednesday, 6 May 2015

तजुर्बा

›
सड़क किनारे बैठा मैं, दुनियां संवारता चला। मौत का सामान देकर, मैं ज़िंदगी गुज़ारता चला। सैंकड़ों सावन गुज़र गए, हर बारिश में मैं डंटा रहा।...

माँ

›
माँ मुझे मत भेज परदेस, डर लगता है।  तेरे आँचल से दूर जाने में, मुझे डर लगता है।  तेरा वो खाना लेके पीछे दौड़ना, मेरा वो तेरे साथ ...

उड़ना चाहता हूँ मैं

›
उड़ना चाहता हूँ मैं, पंछियों की तरह, पंछियों के साथ, उड़ना चाहता हूँ मैं। आसमान में गोते लगाती, हवा को चीरती हुई, चीलों के साथ, उड़ना ...
‹
›
Home
View web version

Contributors

  • Unknown
  • Vikas Goswami
Powered by Blogger.