Udte Khyal
Tuesday, 3 November 2015
प्रेम
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ये प्रेम नहीं है सावन का, ये प्रेम नहीं है रावण का। ये तार दिलों के बीच जुड़े, ये प्रेम बड़ा है पावन सा। संग-संग बीते हम, हर गर्मी बरसा...
Monday, 2 November 2015
आज़ाद पंछी
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मैं आज़ाद पंछी, दो डाल का निवासी हूँ। एक डाल मस्जिद में पड़ती, तो दूजे मैं काशी हूँ। पलक झपकते ही उड़ जाऊँ, एक डाल से एक डाल। फ़िक्र न...
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Wednesday, 6 May 2015
तजुर्बा
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सड़क किनारे बैठा मैं, दुनियां संवारता चला। मौत का सामान देकर, मैं ज़िंदगी गुज़ारता चला। सैंकड़ों सावन गुज़र गए, हर बारिश में मैं डंटा रहा।...
माँ
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माँ मुझे मत भेज परदेस, डर लगता है। तेरे आँचल से दूर जाने में, मुझे डर लगता है। तेरा वो खाना लेके पीछे दौड़ना, मेरा वो तेरे साथ ...
उड़ना चाहता हूँ मैं
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उड़ना चाहता हूँ मैं, पंछियों की तरह, पंछियों के साथ, उड़ना चाहता हूँ मैं। आसमान में गोते लगाती, हवा को चीरती हुई, चीलों के साथ, उड़ना ...
शिक्षक
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अंधेरों में भटकते बच्चों के लिए, जो ज्ञान की लॉ जलाते हैं। उलझे हुए रास्तों में से, सही राह दिखाते है। ब...
Friday, 24 April 2015
MAUSAM
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